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मोहला : ज्ञानभारतं पहल के तहत जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न, सर्वेक्षण कार्य हुआ प्रारंभ

प्राचीन धरोहर संरक्षण को गति, पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन हेतु दिया गया प्रशिक्षण

 मोहला , जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत भारती चंद्राकर की उपस्थिति में आज ज्ञान एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से संचालित ज्ञानभारतं पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी, जिला नोडल अधिकारी शुभांगी गुप्ता सहित प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में पहल के उद्देश्यों, कार्ययोजना और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
            बैठक के दौरान ज्ञानभारतं पहल के प्रभावी संचालन एवं सतत निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया। समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि आपसी समन्वय के साथ कार्य को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
           इस अवसर पर सर्वेक्षण कार्य को गति देने के लिए सर्वेक्षकों की नियुक्ति भी की गई। ये सर्वेक्षक जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं अन्य ज्ञान-संपदा की पहचान, सूचीकरण तथा उनके डिजिटलीकरण का कार्य करेंगे। इस प्रक्रिया के माध्यम से जिले की समृद्ध बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

– आमजनों से अपील

प्रशासन ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि यदि उनके पास या उनके संज्ञान में कोई प्राचीन पांडुलिपि अथवा दुर्लभ दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे ज्ञानभारतं मोबाइल ऐप डाउनलोड कर संबंधित सामग्री को स्कैन कर अपलोड करें। इससे इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण और भविष्य की पीढिय़ों तक उसके सुरक्षित हस्तांतरण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
       उल्लेखनीय है कि ज्ञानभारतं पहल के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण को संगठित रूप दिया जा रहा है, जिससे जिले की पहचान को नई दिशा मिल रही है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जिसका उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों एवं ज्ञान परंपरा का संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार करना है।

– ज्ञानभारतं पहल: विरासत संरक्षण, ज्ञान प्रसार और विकास का सशक्त माध्यम

यह पहल देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढिय़ों तक पहुँचाया जा सकेगा। साथ ही, ज्ञान के डिजिटलीकरण के जरिए दुर्लभ सामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराकर शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आमजन के लिए सुलभ बनाया जाएगा। यह पहल इतिहास, साहित्य, आयुर्वेद, ज्योतिष और दर्शन जैसे विषयों में नए शोध एवं अकादमिक विकास को भी बढ़ावा देगी।

इसके अतिरिक्त, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए नागरिकों को अपनी विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और डेटा प्रबंधन जैसे कार्यों के माध्ययेम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, लुप्तप्राय पारंपरिक ज्ञान को पुनर्जीवित कर उसे आधुनिक संदर्भ में उपयोगी बनाया जा सकेगा जिससे हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान और दिशा मिलेगी।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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